रिपोर्टर : ओमप्रकाश मूंढ बाड़मेर/बायतु। क्षेत्र के परेऊ गाँव के पिराणी साईयों की ढाणी स्थित रूपनाथ महाराज की समाधि स्थल पर महंत श्रीमोटनाथ म...
रिपोर्टर : ओमप्रकाश मूंढ
बाड़मेर/बायतु। क्षेत्र के परेऊ गाँव के पिराणी साईयों की ढाणी स्थित रूपनाथ महाराज की समाधि स्थल पर महंत श्रीमोटनाथ महाराज लीलसर धाम व महंत श्रीओंकार भारती महाराज के पावन सानिध्य में चल रही विशाल भव्य श्रीमद भागवत कथा के तीसरे दिन कथावाचक बालसाध्वी प्रेमबाईसा ने नृसिंह अवतार बालक ध्रुव व वामन अवतार का विस्तार पूर्ण वाचन किया।
साध्वी ने कहा कि मनुष्य से जाने-अनजाने में से कोई पाप हो जाता हैं। इस पापों से मुक्ति पाने के लिए भगवान का स्मरण ही एक मात्र साधन हैं। जीवन में पापकर्मो से दूर रहे तथा उनकी वॄती को धार्मिक व सात्विक बनाए रखे।कथावाचक ने कहा कि भारत की भूमि धर्मधरा हैं। जहाँ अनेक संत महात्मा,ॠषिमुनि और विद्वानों ने जन्म लेकर इस धरा का मान बढाया है। इस ज़ीव जगत के कण-कण में भगवान का वास हैं। भक्त की सच्ची पुकार से भगवान भक्त की सहायता के लिए दौङे चले आते हैं।
हर विकट परिस्थिति में सच्चे मन भगवान का सुमिरन करे। तभी हमारा जीवन सार्थक होता हैं। जो व्यक्ति गुण और विधारहीत होकर भी घमडी हो,दरिद्र होकर भी बड़ी बड़ी ईछाए रखता हो,अन्याय के मार्ग और खोटे काम करके भी धन कमाना चाहता हो,जो थोडा धन पाते ही इतराने लगे,अपनी क्षमता से बड़े काम हाथ में ले लेता हो पर पूरा न कर पाता हो,जो अपने पास की वस्तु से संतुष्ट नही होता और दुसरो की वस्तुओ को अधिक अच्छी समझ कर उसकी लालसा रखता है वह व्यक्ति मुर्ख हैं। उन्होंने कहा कि आज के इस कलियुग के छोटे युग में इंसान भी छोटा हो गया है क्योकि चारो युगो में सबसे छोटा युग कलयुग हैं। चार लाख बत्तीस हजार वर्ष का कलयुग है।साध्वी ने कहा कि व्यक्ति अगर जिन्दगी को बुरे कर्मो से गंदा और शर्मिंदगी भरा बना सकता है तो वह धर्म परायण, कर्तव्य निष्ठ बने,सत्संग व् सदगुरु का सानिध्य प्राप्त करे तो वह जिन्दगी को प्रभु की बंदगी भी बना सकता हैं। इस दौरान बीजेपी प्रदेशकार्यकाराणि सदस्य बालाराम मूढ़, पूर्व जिला प्रमुख श्रीमती मदन कौर, पेमाराम जाखड़, बांकाराम लेघा, पेमाराम साई, भूरचन्द जैन, बन्नाराम सारण, लिखमाराम साई, विशनाराम साई, पुनमाराम साई, खियाराम गोदारा, रामाराम, दल्लाराम, गुमनाराम, रावताराम सहित सैकड़ो लोग मौजूद थे।
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