रिपोर्टर : प्रकाश राठौड़ मालवाडा शिविर में 1865 पशुओं का हुआ उपचार जालोर/मालवाडा। संघवी कंकुबाई वरधीचन्दजी गौरी गौशाला जीवदया मालवाडा द्वार...
रिपोर्टर : प्रकाश राठौड़
मालवाडा शिविर में 1865 पशुओं का हुआ उपचार
जालोर/मालवाडा। संघवी कंकुबाई वरधीचन्दजी गौरी गौशाला जीवदया मालवाडा द्वारा आयोजित एंव टीपूदेवी तेजराज बोकाडिया परिवार के सौजन्य व पशुपालन विभाग के सहयोग से चल रहे तीन दिवसीय निःशुल्क पशु शल्य चिकित्सा एवं बांझपन निवारण शिविर का समापन समारोह पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डाॅ. शिव कुमार अग्रवाल के मुख्य आतिथ्य एवं गवरीचन्द जैन की अध्यक्षता व गौशाला के अध्यक्ष संघवी चुन्नीलाल के वरिष्ठ आतिथ्य में किया गया।
इस अवसर पर पशुपालकों व समाजसेवियों को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथ डाॅ. अग्रवाल ने कहा कि गौसेवा के साथ-साथ किसी भी पशु-पक्षियों की सेवा कर उनकी बिमारी का निदान करवाने का कार्य अनुकरणीय है। मूक पशुओं का दर्द समझकर उपचार करना कठिन कार्य है फिर भी विभाग के चिकित्सा कर्मी उनकी वेदना को समझकर निदान करते है।
अग्रवाल ने कहा कि हर पषुपालक को अपने पशुओं के जीवन रक्षण हेतु टीकाकरण करवाकर सुरक्षा प्रदान करनी चाहिए इसके लिए भामाशाहों द्वारा लगाये जाने वाले निःशुल्क शिविर बहुत ही उपयोगी साबित होते है। उन्होने पशुपालकों को पशुओं से आय के स्त्रोत को भी समझाते हुए गौशाला परिवार का आभार व्यक्त किया। गौशाला अध्यक्ष संघवी चुन्नीलाल ने तीन दिवसीय में चले गाय, भैंस बांझपन निवारण व कनैडी, हरनीया, पथरी पेट से प्लास्टिक निकालना, ऊॅटों के खुजली के टीके व भेड बकरियों को क्रमीनाशक दवाई पिलाना एवं सभी पशु-पक्षियों के कोई भी बिमारियों का ईलाज निःशुल्क कर दवाई के बारे में जानकारी देकर विभाग का आभार व्यक्त किया। शिविर प्रभारी डाॅ. मुकेश पटेल के अनुसार शिविर में 162 भैंस, 47 गाय 1585 भेड बकरी, 10 ऊॅट, 20 श्वान, 1 मोर व 40 खरगौश। इस तरह कुल 1865 पशु-पक्षियों की जाॅच कर सफल निदान किया गया।
शिविर व्यवस्थापक मुकेश कुमार खण्डेलवाल ने सभी अतिथियाॅ व पशुपालकों का आभार व्यक्त किया। समारोह में सभी पशु चिकित्सकों, पशुधन सहायकों व पशुधन परिचारक को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर संघवी महेश भाई, संघवी मोहीनी दीदी, भविष्य जैन, श्रीमती राजूल जैन, मनोहरसिंह रावत, अर्जुन माली, डाॅ. गिरधरसिंह सोढा, डाॅ. वीपी सिंह, डाॅ. सुरेश पटेल, लीलाराम मेघवाल, डाॅ. उदय चैधरी, पशुधन सहायक लखमाराम पुरोहित, केलाराम प्रजापत, पशुधप परिचारक मसराराम राणा, सुमेरसिंह, निजी पशुधन सहायक भरत सुन्देशा, भरत सुथार सहित कई गौभक्त एवं पशुपालक उपस्थित थे।
कोई टिप्पणी नहीं