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पद्मश्री अनवर खान को रजत अवार्ड से राजयपाल ने किया सम्मानित।

पद्मश्री अनवर खान को रजत अवार्ड से राजयपाल ने किया सम्मानित। जैसलमेर। पश्चिमी राजस्थान की लोक संस्कृति के परिचायक और लोक गीत संगीत के लोक गा...

पद्मश्री अनवर खान को रजत अवार्ड से राजयपाल ने किया सम्मानित।




जैसलमेर। पश्चिमी राजस्थान की लोक संस्कृति के परिचायक और लोक गीत संगीत के लोक गायक हस्ताक्षर पद्मश्री अनवर खान बहिया को जयपुर के खचाखच भरे बिड़ला ऑडिटोरियम में राजयपाल कलराज मिश्र और केंद्रीय सुचना प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने रजत अवार्ड से सम्मानित किया। इस अवसर पर राजस्थान सरकार के केबिनेट मंत्री डॉ. बी डी कल्ला, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सी पी जोशी, क्षत्रिय युवक संघ सरंक्षक भगवन सिंह रोलसाहबसर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया, अतिथि के रूप में उपस्थित थे। वही जगद गुरु शंकराचार्य वासुदेवानंद का भी सानिध्य रहा, जयपुर के बिड़ला सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में पद्मश्री अनवर खान बहिया को उनके द्वारा राजस्थानी लोक गीत संगीत क्षेत्र में दिए अतुल्य योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इससे पहले अनवर खान द्वारा बिड़ला सभागार में आवो नी पधारों म्हारे देश की अपने पोते मोती खान सहित टीम के साथ शानदार प्रस्तुति दी गयी। इस दौरान राजयपाल भी तीन पीढ़ियों द्वारा एक साथ दी गयी प्रस्तुति से भाव विभोर हो गए। अनवर खान बहिया को गत वर्ष भारत सरकार द्वारा पद्मश्री अवार्ड से नवाजा गया हैं, उसके बाद राष्ट्रिय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भगवत जब अनवर खान के बाड़मेर स्थित निवास पर बिना किसी तामझाम के पहुंचे तो अनवर खान राष्ट्रिय सुर्खियां बन गए। अनवर खान लोक गायिकी का बड़ा चेहरा हैं, जो कई पुरस्कारों से नवाजे जा चुके, उन्हें जयपुर में उन्हें जयपुर महानगर टाइम्स रजत समारोह में रजत अवार्ड  सम्मान से नवाजा गया। अनवर खान की गायिकी की तारीफे अनुराग ठाकुर सहित शंकराचार्य वासुदेवानंद ने भी की जब अनवर खान लोक गीत गाते हेैं, तो प्रकृति में शहद घुल जाता हैं। अनवर की गायकी में जादु हैं। थार के लोक गीत संगीत को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने में अनवर खान बहिया की गायकी का अहम योगदान हैं।जैसलमेर जिले के छोटे से गांव बहिया में लोक गायक रमजान खान के घर जन्में अनवर के दादा भी लोक गायक थे। लोक गीत संगीत अनवर खान को परम्परा में मिला। अनवर खान ने बाड़मेर को अपना ठिकाना बना दिया। अनवर लोक गीत संगीत के साधक हैं। चान्दण मुल्तान, सदीक खान जैसे उस्ताद लोक गायकों के शार्गिद अनवर खान ने इनसे लोक गीत सेगीत की बारीकियॉ सीखी। सम्पूर्ण भारत के साथ साथ लगभग 55 देशों में अपनी गायकी का परचम लहरा चुके अनवर खान ने विख्यात संगीतकार ए.आर.रहमान की फिल्मों में भी गा चुके हैं, साथ ही कई हिन्दी फिल्मों में अपनी लोक गायकी का जलवा बिखेर चुके हैं। देश विदेश के ख्यातिनाम गायको संगीतकारों के साथ अनवर खान मंच साझा कर चुके हैं तो दर्जनों प्रतिष्ठित पुरस्कारों से नवाजे जा चुके हैं।

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