रिपोर्टर @ रोहित शर्मा धौलपुर। कस्बा तसीमों के शहीद छत्तर सिंह पंचम सिंह सेवा समिति गार्डन में चल रही भागवत कथा में ब्रम्हाजी द्वारा अनन्य ...
रिपोर्टर @ रोहित शर्मा
धौलपुर। कस्बा तसीमों के शहीद छत्तर सिंह पंचम सिंह सेवा समिति गार्डन में चल रही भागवत कथा में ब्रम्हाजी द्वारा अनन्य सृष्टि कपिल उपाख्यान, दक्ष यज्ञ एवं भक्त ध्रुव की कथा सुनायी।
बदरैठा बाड़ी से पधारे ख्याति प्राप्त संगीतमय भगवत् प्रवक्ता केशवदेव शास्त्री जी ने कहा कि महाप्रलय में भी चार नगरी अयोध्या, काशी, मथुरा एवं उज्जैन नगरी का विनाश नहीं होता यह महाप्रलय में भी यथावत रहती है।
वृक्षा के अंग से उत्पन्न मनु, शतरूपा से उत्पन्न संतान मनुष्य कहलायी गयी अतः हम सब मनु की संतान है इसलिए सभी आर्य (श्रेष्ठ) है, जाति प्रथा का चलन बाद में कर्म के अनुसार हुआ है, ध्यान रहे लोग मनुवाद की व्याख्या करते है वह यह मनु नहीं है। कपिल उपाख्यान में प्रकृति, परमपुरुष का वर्णन करते हुए कहा कि प्रकृति परमात्मा द्वारा उत्पन्न करती है यह सुखमय जीवन बनाने के लिए जीवों को प्रदत्त की है परंतु मानव ने इस पर अपना अधिकार जमा कर इसे दूषित कर दिया है इस कारण वही प्रकृति सुखमय जीवन की बजाय दुःखमय ही गयी है। दक्षयज्ञ का वर्णन करते हुये बताया कि अहंकारी जीव का कभी भी कोई कार्य सफल नहीं होता है इसलिये दक्षप्रजापति के यज्ञ में सती का देह त्याग हुआ व यज्ञ का विध्वंश हुआ।
ध्रुव उपाख्यान में कहा कि माता सुनीती ने जन्म से अपने बालक ध्रुव में ऐसे संस्कार डाले कि 5 वर्ष की आयु में ही बालक भगवान की तपस्या में चला गया मौसी के कटु वचनों को सुनकर उसे ज्ञान हुआ कि संसार मतलबी है, एक दूसरे को नीचा दिखाने में कार्यरत है, इसीलिए क्यों न परमात्मा की शरण में जाया जाये और ध्रुव चला गया और परमात्मा को प्राप्त कर लिया।
इसीलिए माताओं को सुनीति की तरह अपने बालकों को अच्छे संस्कार देने चाहिए।
वही शाम को परीक्षित विनोद मित्तल एवं उनके परिवार ने आरती की। इस मौके पर सैकड़ों ग्रामवासी भागवत् सप्ताह में पहुँच रहे है और अनिल, रवि, संदीप, नितीश, अजय, मोनू, विवेक मित्तल द्वारा प्रसाद वितरण किया गया।
कोई टिप्पणी नहीं