बाड़मेर, 04 अप्रेल। प्रदेश मंे अल्पकालीन फसली सहकारी साख नीति जारी कर दी गई है। इसके तहत किसानों को पहले आओ पहले पाओ के आधार पर लोन दिया जा...
बाड़मेर, 04 अप्रेल। प्रदेश मंे अल्पकालीन फसली सहकारी साख नीति जारी कर दी गई है। इसके तहत किसानों को पहले आओ पहले पाओ के आधार पर लोन दिया जाएगा। नई साख नीति में पेक्स की खास भूमिका तय करने के साथ ही ऋण राशि काश्तकार के खाते में हस्तांतरित करने का निर्णय किया गया है।
सहकारिता विभाग की नई फसली सहकारी ऋण नीति के अनुसार कम से कम 30 प्रतिशत ऋण लघु एवं सीमांत किसानों के लिए ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। भूमि धारक किसानों के साथ बंटाईदार काश्तकारों को भी ऋण सुविधा दी जाएगी। काश्तकार की अधिकतम साख सीमा का निर्धारण जिला स्तरीय तकनीकी समिति की ओर से निर्धारित मानदण्डों के अनुसार होगा। फसली सहकारी ऋण अधिकतम साख सीमा स्वीकृत काश्तकार के नाम कृषि भूमि धारक को ही दिया जाएगा.
जमानत पर बंटाईदार को ऋणः बंटाईदार को ऋण वितरण के मामले में भूमि धारक और बंटाईदार के बीच कानूनन क्रियान्विति योग्य अवधि के पंजीकृत अनुबंधध्एग्रीमेंट की अवधि और भूमि के आधार पर निर्धारित साख सीमा के अनुसार ऋण राशि स्वीकृत की जाएगी। बंटाईदार का न्यूनतम 3 वर्ष का अनुबंध और अनुबंध के अंतिम वर्ष में कोलेटरल सिक्योरिटी या पांच वर्ष की बकाया सेवाअवधि वाले राजकीय कर्मचारी की जमानत पर ऋण दिया जा सकेगा।
ऋण का आधार बनेगी साख सीमाः फसली सहकारी ऋण पेक्स की ओर से स्वीकृत साख सीमा के आधार पर ही दिया जाएगा। ऋणी सदस्य से केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा प्रायोजित फसल बीमा, व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा सहकार सुरक्षा बीमा कराने हेतु प्रीमियम डेबिट कराने की सहमति ली जाएगी। अधिकारिक सूत्रांे के मुताबिक फसली ऋण वितरण में अब किसी की मनमानी नहीं चलेगी। नई व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बना दिया गया है।
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