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मनरेगा में कराए जा सकते है तीन लाख के व्यक्तिगत कार्य

बाड़मेर, 04 अप्रैल। महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत जॉॅब कार्डधारी परिवार अपनी कृषि भूमि की उत्पादकता बढाने एवं अपनी आजीविका के साधनों में ...

बाड़मेर, 04 अप्रैल। महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत जॉॅब कार्डधारी परिवार अपनी कृषि भूमि की उत्पादकता बढाने एवं अपनी आजीविका के साधनों में स्थाई सुधार के लिए तीन लाख रुपये की राशि तक के भूमि समतलीकरण, पौधारोपण मेड़बंदी, खेत तलाई जैसे व्यक्तिगत लाभ के कार्य कराए जा सकते हैं। 

मनरेगा आयुक्त रोहित कुमार ने योजना में अनुमत इन कार्यों को प्रोजेक्ट मोड में स्वीकृत करके प्रारंभ कराने के निर्देश दिये हैं। इन पर तीन लाख रुपए में से श्रम पर व्यय की अधिकतम सीमा निर्धारित नहीं है। लेकिन 60ः 40 बनाए रखने के लिए सामग्री पर 1.20 लाख रुपए से अधिक खर्च नहीं किया जा सकता। इंदिरा आवास योजना में निर्माण के लिए 90 अकुशल श्रम कार्य एवं पशु आश्रय के लिए 3 लाख रुपए के अतिरिक्त राशि स्वीकृत की जा सकती है। 

कार्यों के लिए दिए दिशा निर्देशः अनुसूचित जाति एवं जन जाति, घुमंतु जनजाति, अधिसूचना से निकाली गई जनजातियां, गरीबी रेखा से नीचे अन्य कुटुम्ब, महिला प्रधान वाले परिवार, शारीरिक रूप से विकलांग प्रधान वाले परिवार, भूमि सुधारों एवं इंदिरा आवास योजना के लाभार्थियों को इन कार्यों में प्राथमिकता दी जायेगी। किंतु कार्य नरेगा की वार्षिक कार्य योजना में शामिल होना आवश्यक है। 

यह कार्य कराए जा सकेंगेः मनरेगा योजना में जॉॅब कार्डधारी परिवार अपनी स्वयं की भूमि पर 3 लाख रुपये की राशि से भूमि समतलीकरण, मेड़बंदी कार्य, छोटे बांध एवं तालाब की उपजाऊ मिटटी लाकर खेत में डालने, खेत के चारों ओर वानिकी एवं खेत में उद्यानिकी पौधारोपण, फार्म पौंड, टांका निर्माण, कुएं गहरा करना, खेतों में पानी निकासी के लिये नाली निर्माण, पानी रोकने के लिये चैकडेम बनाने का कार्य, वर्मी एवं नाडेफ कम्पोस्टिंग कार्य एवं मछली पालन एवं संवर्धन कार्य कर सकता है। इसके अलावा यदि वह इंदिरा आवास योजना में पात्र है, तो उसके लिये 90 अकुशल श्रमिक की राशि अतिरिक्त देय होगी। लाभार्थी 3 लाख रुपए के अतिरिक्त राशि से कुक्कुट आश्रय, बकरी आश्रय, सुकर आश्रय, पशु आश्रय निर्माण जैसे कार्य भी करवा सकता है।

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