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'जल योद्धा' संभालेंगे केयर्न के सुरक्षित जल तीर्थों का 'मोर्चा'

पहली बार महिलाएं भी संभालेंगी वाटर प्लांट्स की कमान बाड़मेर: राजस्थान सरकार के जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के साथ हुए करार को अमली जामा ...

पहली बार महिलाएं भी संभालेंगी वाटर प्लांट्स की कमान
बाड़मेर: राजस्थान सरकार के जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के साथ हुए करार को अमली जामा पहनाते हुए बाड़मेर जिले  के तीन सौ से अधिक स्वच्छ जल संयंत्रों की स्थापना का काम प्रगति पर है। ये संयंत्र मरू जिले के सुदूर गाँवों में कठोर और लवणीय जल के हानिकारक प्रभावों से रहित पेयजल उपलब्ध करवाने वाले तीर्थ साबित होंगे। इन संयंत्रों का संचालन और सार संभाल स्थानीय गाँवों से चयनित और प्रशिक्षित युवाओं द्वारा किया जाएगा। पहले बैच के लिए चयनित 42 ऑपरेटर्स जो खुद को जल योद्धा कहलाना पसंद करते हैं, का प्रशिक्षण कार्यक्रम बाड़मेर के केयर्न उद्यमिता केन्द्र में आयोजित किया गया। 
केयर्न द्वारा यह प्रोजेक्ट जीवन अमृत के नाम से शुरू किए गए इस प्रोजेक्ट को वाटरलाइफ इंडिया और फॉन्टस वाटर के तकनीकी सहयोग से लागू किया जाएगा। प्लांट ऑपरेटर्स के प्रशिक्षण कार्यक्रम में वाटरलाइफ तथा आईएलएफएस के प्रशिक्षकों ने जल संयंत्रों के सञ्चालन, रख-रखाव और समुदाय तक अधिक पहुँच के बिंदुओं पर प्रशिक्षण प्रदान किया। 
लिच्छु राम चौधरी तथा आर एल सोनी-एक्सईएन पीएचईडी इस अवसर पर विशेष रूप से उपस्थित थे।  सभी जल योद्धा ग्रामीण परिवेश से जुड़े हुए हैं तथा इस प्रकार के जल संयंत्रों को पुरुष प्रधान क्षेत्र मानने वाली अवधारणाओं को झुठलाते हुए पहली बार बाड़मेर की तीन महिला प्रतिभागियों ने सफलतापूर्वक यह प्रशिक्षण पूरा किया। टॉप-4 प्रतिभागियों में दो तो महिलाएं; कुमारी माया और मनीषा थीं।  तीसरी प्रतिभागी जसोदा देवी ने भी परीक्षा के दौरान अच्छा प्रदर्शन किया।

प्रशिक्षण के दौरान सहजता से तकनीकी बिंदुओं को समझाने के लिए प्रेजेंटेशन, जीवंत सत्र, वीडियो, फिल्म शो और जादू की ट्रिक्स जैसे तरीकों को आज़माया गया। प्रशिक्षणार्थियों ने जल फिल्टरेशन प्रक्रिया, प्रदूषक, लवण आदि की जानकारी के अलावा सामान्य संक्रिया के दौरान ग्रामीणों से व्यवहार का प्रशिक्षण भी दिया गया। पूर्व में संचालित हो रहे प्लांट्स में से एक, कवास गाँव के प्लांट ऑपरेटर ने अपने अनुभव सुनाते हुए प्रतिभागियों को प्रोत्साहित किया।  
इस अवसर पर संगीतमय सीडी का विमोचन भी किया गया। इस सीडी का उपयोग लोक कलाकारों के दल द्वारा स्वच्छ पेयजल जागरूकता कार्यक्रम  किया जाएगा।  मुख्य अतिथि ने अपने उद्बोधन में प्रशिक्षणार्थियों को उचित व्यवहार के साथ समुदाय से नज़दीकी सम्बन्ध कायम करने पर बल दिया।  
यहाँ ये तथ्य उल्लेखनीय है कि आगामी तीन वर्षों में जीवन अमृत प्रोजेक्ट को लागू किये जाने के दौरान 330 से अधिक युवाओं को बाड़मेर के विभिन्न स्थानों पर सेफ वाटर प्लांट ऑपेरटर के रूप में शामिल किया जायेगा।

2 टिप्‍पणियां

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