मेंहबूब राजड़ /जेताराम परिहार जालोर/सायला।एक और जहाँ सूबे की भाजपा सरकार युवाओं को15 लाख सरकारी रोजगार दिलवाने का वादा करके सत्तासीन हो गई प...
मेंहबूब राजड़ /जेताराम परिहार
जालोर/सायला।एक और जहाँ सूबे की भाजपा सरकार युवाओं को15 लाख सरकारी रोजगार दिलवाने का वादा करके सत्तासीन हो गई परन्तु अब तक रोजगार के संम्बंध में इस सरकार ने कोई विशेष रूचि नहीं है दिखाई है।वसुंधरा राजे के सुराज संकल्प यात्रा एवं घोषणा पत्र नजर डाले तो सारे वादे खोखले साबित होते नजर आ रहे हैं।15 लाख के लिहाज से देखे तो हर साल तीन लाख युवाओं का रोजगार उपलब्ध करवाना था लेकिन सत्ता के मद में मस्त वसुंधरा सरकार पूर्ववर्ती गहलोत सरकार की भर्तियों पर भी कुंडली मारकर बैठी है इस तरह सरकार की उदासीनता के चलते युवाओ में असन्तोष पनप रहा है,एवं बेरोजगारी में भारी बढ़ोतरी हो रही है।
इस विषय पर युवा नेता जालौर एनएसयूआई कार्यवाहक जिलाध्यक्ष कांतिलाल मेघवाल से दो कदम गांव की और के रिपोर्टर
महबुब सिन्घी की बातचित के प्रमुख अशं
रिपोर्टर- आप छात्र संगठन एनएसूआई के जिला उपाध्यक्ष है एवं युवा नैतृत्व कर रहे हैं,आप वर्तमान सरकार की युवा निति के बारे में क्या विचार रखते हैं?
युवा नेता: राज्य की भाजपा सरकार की युवा नीति चुनावी घोषणापत्र के अनुरूप नहीं हैं; झूठे सपने दिखाकर युवाओं को दिगभ्रमित किया है।
रिपोर्टर :आप किस प्रकार कर सकते हैं कि रोजगार के क्षेत्र में युवाओं को दिगभ्रमित किया है?
युवा नेता: चुनावी घोषणापत्र में राजेजी ने 15 लाख युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था लेकिन अभी तक पचास हजार की भी भर्तियां नहीं की।
रिपोर्टर : आप भर्तियों की बात कर रहे हैं जबकि सरकार कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम चला रही है!
युवा नेता: कौशल विकास प्रशिक्षण के नाम पर सिर्फ बेरोजगारी की बढ़ोतरी की जा रही हैं,जिन लोगों को प्रशिक्षण उपरान्त प्रमाण पत्र दिए हैं उनको भी रोजगार नहीं दिया जा रहा है। सिर्फ औपचारिकता पूरी की जा रही हैं।
रिपोर्टर : हाल ही मे हुई रिट और पटवार भर्ती के बारे में आपका क्या कहना है?
युवा नेताः रिट भर्ती परीक्षा में 32 सवाल विषय विशेषज्ञों द्वारा निरास्त कर दिये तो मैं कहना चाहता हूं कि रिट परीक्षा का औचित्य ही क्या रहा?इधर पटवार भर्ती प्राराभिंक परिक्षा परिणाम में आरक्षित वर्ग अभ्याथियों को सामान्य से ज्यादा अंक लाने पर भी उतीर्ण नही माना हैं।इस लिहाज से भर्ती कोर्ट में जायेगी। मतलब सरकार की इन भर्तियों को भी कोर्ट में लटकाना चाहती हैं।
रिपोर्टर :विद्यार्थी मित्र एवं अन्य संविदा कार्मिक आये दिन हडताल कर रहे है। क्या उनकी मांग जायज है?
युवा नेता: बिल्कु्ल उनकी मांग जायज है।चुनावी घोषणा में वादा किया था कि उन्हें स्थाई कर दिया जायेगा लेकिन अभी तक सरकार उनकी और ध्यान नहीं दे रही है।शिक्षा सहायक एवं पंचायितराज क्लर्क भर्ती भी ठण्डे बस्ते में है। हजारों विद्यार्थी मित्रों को हटा दिया जिससे उनके सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया हैं।
रिपोर्टर : आप का मतलब है कि सरकार जानबूझकर भर्तियां लटका रही है;स्पष्ट बताइये।
युवा नेता: पूर्ववर्ती गहलोत सरकार द्वारा की गई तृतीय श्रेणी अध्यापकों की भर्ती और सुप्रीम कोर्ट में लंबित है लेकिन सरकार समय पर कोर्ट में पक्ष तक नहीं रख रही है इस वजह से 7 हजार चयनित शिक्षकों को तीन साल से नियुक्ति का इंतजार है वहीं परिवीक्षाकाल पूर्ण कर चुके हजारों शिक्षकों का नियमितिकरण नही हो पा रहा है।
रिपोर्टर : इस प्रकार लगता है कि युवाओं में सरकार के प्रति रोष हैं।
यूवा नेताः युवाओं एवं बेरोजगारों में भारी असंन्तोष है।बी एड को भी दो साल की करके के हमारे साथ धोखा ही किया हैं। युवाओं की आवाज डंडे के बल पर दबाई जा रही मैं मानता हूँ कि सरकार को अपने घोषणा पत्र पर विचार करना चाहिए।
रिपोर्टर : बहुत बहुत धन्यवाद बातचीत करने के लिए समय दिया।
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