जयपुर। सरपंच संघ की मांगों पर माननीय मुख्यमंत्री की घोषणा के चार माह बीत जाने के बाद भी ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग के अधिकारियों द्व...
जयपुर। सरपंच संघ की मांगों पर माननीय मुख्यमंत्री की घोषणा के चार माह बीत जाने के बाद भी ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग के अधिकारियों द्वारा आदेश प्रसारित नहीं किए जाने से प्रदेश भर के सरपंचों में भयंकर आक्रोश व्याप्त है। विकास कार्य ठप होने से गुस्साए सरपंच, उप सरपंच और वार्ड पंच 1 अप्रेल 2016 को सुबह 11 बजे राजस्थान विधानसभा पर रैली कर प्रदर्शन करेंगे। सरपंच प्रतिनिधियों का काफिला सुबह 9.30 बजे सिविल लाइन्स फाटक पर एकत्रित होगा और रैली के रूप में प्रदर्शन करते हुए राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए करीब 15 हजार सरपंच, उप-सरपंच और वार्ड पंच राजस्थान विधानसभा पहुंचेंगे।
सरपंच संघ राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष भंवरलाल जानू के बताया कि ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग के कुछ ब्यूरोक्रेट्स मनमानी कर रहे हैं। हमारा संगठन लगातार 10 माह से हमारी जायज मांगों को लेकर संघर्ष कर रहा है। माननीया मुख्यमंत्री महोदया ने सरकार के 2 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 13 दिसम्बर 2015 को हमारी मांगें पूरी करने की घोषणा की थी, लेकिन 4 माह के बाद भी अधिकारी आदेश प्रसारित नहीं कर रहे हैं।
सरपंच संघ राजस्थान के मीडिया प्रवक्ता हेमराज शर्मा ने बताया कि विकास कार्य करवाने के लिए खरीद सामग्री के उपापन नियमों में वित्त विभाग द्वारा 11 जनवरी 2016 को स्पष्ट संशोधन के बाद भी विभाग के कुछ अधिकारी टेण्डर करवाने पर तुले हुए हैं, जिससे ग्राम पंचायतों में सामग्री खरीद की दोहरी प्रक्रिया, सामान्य योजनाओं में बी.एस.आर. दर पर एवं महात्मा गांधी नरेगा में टेण्डर द्वारा सामग्री खरीद की प्रक्रिया लागू होने से सरपंचों के वित्तीय अनियमितताओं में फंसना सुनिश्चित हो जाएगा। यह अधिकारी वित्तीय अनियमितता में फंसाकर सरपंचों का शोषण करना चाहते हैं। हम इनके मंसूबे सफल नहीं होने देंगे।
सरपंच संघ राजस्थान के प्रदेश मंत्री बाबूलाल टोडावता ने बताया कि प्रशासन के अधिकारियों के साथ 19 फरवरी 2016 को अंतिम वार्ता हुई थी। तब इन्होंने 15 मार्च 2016 तक समस्त आदेश जारी करने का हमें वायदा किया था, लेकिन इनके द्वारा अब तक कोई आदेश प्रसारित नहीं किए गए हैं। हम हमारे पास एकमात्र विकल्प आन्दोलन ही रह गया है।
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