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18 जून 2017

सिरोही के दिलीप पटेल असम राज्य के कामाख्या देवी के दर पर आने का भारत के कइ राज्यो मे जाकर दे रहे बुलावा

रिपोर्टर -- लियाकत अली 
असम में लगने वाले अम्बुबाछी मेले 2017 को लेकर दिलीप पटेल बाइक पर दे रहे है आमन्त्रण 
पहले भी दिलीप और उनकी टीम ने मिलकर सिंहस्थ महाकुंभ 2016 मे भी बाइक राइडिंग से भारत मे प्रचार किया था।
देशभर में प्रसिद्ध असम राज्य स्तिथ कामाख्या देवी मंदिर  में 22 जून से 25 जून तक लगने वाले अम्बुबाची मेले का असम सरकार के टूरिज्म डिपार्टमेंट ने सिरोही के दिलीप पटेल व उनके 4 साथीयो कि टिम को देश के अलग-अलग कोने में बाइक राइडिंग कर लोगों को मेले में शामिल होने का न्योता दे रहे हैं। साथ ही इसका प्रचार-प्रसार भी कर रहे हैं।
पटेल बुलेट पर अब तक 12 हजार 500 किमी. बाइक चला चुके है। अपनी टीम के साथ गुजरात पहुंचकर मुख्यमंत्री विजय रूपानी , उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल , गुजरात के मेयर एवं वरिष्ठ अधिकारियों को आमंत्रण पत्र देकर पुरे गुजरात को मेले के लिए आमंत्रित किया है। 

गुजरात  के मुख्यमंत्री विजय रूपानी  को  आमन्त्रण देते हुए
भाग्य से होते है मां के दर्शन
कामाख्या देवी के दर्शन भाग्य से होते हैं। मेरे लिए सौभाग्य की बात है कि मुझे पूरे देश को कामाख्या देवी के दरबार पर आने का निमंत्रण देने का मौका मिला है। ये कहना है सिरोही के नोजवान युवा दिलीप पटेल  का ।

पहुंचे अहमदाबाद
दिलीप अपनी टीम के सदस्य  रत्नेश पांडेय , अमन मिश्रा, अरविंद सिंह, अभिषेक भारद्वाज के साथ अहमदाबाद पहुंचे।
इससे पहले भी दिलीप और उनकी टीम ने मिलकर सिंहस्थ महाकुंभ को भी बाइक राइडिंग से प्रचारित किया था। जिसमे 19,300 किमी का सफर तय कर मध्यप्रदेश सरकार की तरफ से भारत भर के अलग अलग राज्यो में महाकुम्भ में आने का निमंत्रण दिया था
गुजरात  के  उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल को आमन्त्रण देते हुए

जिले में भी करते रहते है कई आयोजन
सिरोही में जन्मे दिलीप पटेल को जन्म भूमि से गहरा लगाव है जिसके चलते इन्होंने जिले में टीम उड़ान -वौइस् ऑफ हुमिनिटी को बनाया इस टीम में लड़कों के साथ लडकिया बाइक राइडर्स भी है जो जिले में जगह जगह पहुच पर यहाँ की जनता को बेटी बचाओ , बेटी पढ़ाओ के सन्देश के साथ ओरतो पर हो रहे अत्याचारों के बारे में गावो की जनता को सन्देश देने का काम किया है
12 हजार 500 किमी. कर चुके हैं यात्रा

दिलीप ने बताया कि देश के अलग-अलग कोनों में यात्रा करने के बाद गुजरात शहर पहुंचे 16 मई को असम से बाइक राइडिंग शुरू की थी। कोकरछा, सिलीगुढ़ी के बाद बिहार, पटना, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, शिमला, जयपुर, अजमेर, पुष्कर में मेले के लिए बुलावा दिया। अभी तक 12,500 किमी. की यात्रा कर चुके हैं।


22 से 25 जून तक चलेगा मेला
मां कामख्या का मंदिर साल में 4 दिन पूरी तरह बंद रहता है। ऐसी मान्यता है कि इस दौरान शक्तिपीठ की आध्यात्मिक शक्ति बढ़ जाती है। 22 से 25 जून तक चलने वाले मेले में लाखों भक्त उपस्थित होंगे। इस दौरान संतों का सान्निध्य भी मिलेगा। पूरा असम क्षेत्र भक्तिमय रहता है। देशभर में भक्ति की वयार बहती है। करोड़ों भक्त माता के दर पर पहुंचकर आर्शिवाद प्राप्त करते है।

बाइक राइडिंग है अलग कॉन्सेप्ट
दिलीप बताते हैं कि धर्म और संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए बाइक राईडिंग अलग कॉन्सेप्ट है जो ज्यादा से ज्यादा यूथ को कनेक्ट करता है। जब राइडस सड़कों पर निकलते हैं तो यंगस्टर्स में क्यूरोसिटी आती है और वे खुद को इससे कनेक्ट करते हैं। आज का यूथ धर्म और संस्कृति से थोड़ा दूर हुआ है।

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