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Video-दो कदम गांव की और पड़ताल आखिर पोस्ट ऑफिस तक क्यों नहीं पहुंचे रूपये

देखे विडियो  समदड़ी से सुनील दवे की खास रिपोर्ट बाड़मेर/समदड़ी। भारत सरकार के द्वारा नोट बंदी की कदम उठाए जाने के बाद से लेकर आज तक ...


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समदड़ी से सुनील दवे की खास रिपोर्ट
बाड़मेर/समदड़ी। भारत सरकार के द्वारा नोट बंदी की कदम उठाए जाने के बाद से लेकर आज तक बाड़मेर जिले के समदड़ी कस्बे में स्थित एक मात्र पोस्ट ऑफिस डाक घर के अंदर एक भी रूपया नहीं बदला गया हैं जिससे आम जनता में रोष है।
लोगों का कहना है कि हम लोग सुबह से शाम तक लाइन में खड़े रहकर नोट बदलने के लिए सब अपना काम धंधा छोड़ कर पैसे की जुगाड़ में लगे रहते हैं लेकिन या पोस्ट ऑफिस एक ही जवाब मिलता है हमें बैंक से पैसा नहीं मिला सरकार का जब से आदेश मिला है तब से हमारे सारे कर्मचारी मैंनेजर लोग बैंक से पैसों के लिए बात कर चुके हैं। लेकिन बैंक वाले ठीक से कोई जवाब भी नहीं देते और ना ही रुपए देने की बात करते हैं। जिससे आम जनता के साथ-साथ हम लोग भी परेशान हैं हम लोग आखिर जाएं तो कहां जाएं किसको सुनाएं लोग तो हमारे ऊपर अपना गुस्सा निकाल लेते हैं हम गुस्सा किसके ऊपर निकाले।
बैंक मैनेजर से बात करने पर भी पैसा नहीं देते ना ही कोई जवाब देते हैं। इस बात को लेकर जब हमारी टीम बैंक पहुंची तब बैंक मैनेजर तरुण कुमार यादव ने यह कहते हुए बात करने से इंकार कर दिया कि आप अपना कैमरा बंद करिए कैमरा अंदर लेकर नहीं आए। आप लोग बाहर निकल जाइए मीडिया वाले अंदर नहीं आएं इस बात को लेकर जब बात करने लगे मीडिया वाले तो उन्होंने बिना कोई जवाब दिए बैंक के अंदर चले गए।  मीडिया वाले वहां से बिना कोई सवाल जवाब किए चले आए हम लोग यह कहना चाहते हैं आप कितने दिनों तक आखिर कब तक मीडिया वालों से बचते रहोगे या जवाब देने से बचते रहोगे रसूख लोगों के कितने दिनों तक नोट बदलोगे ऐसा करोगे। सूत्रों से जानकारी मिल रही है कि बैंक मैनेजर ने रसूखदार लोगों के काले धन को सफेद करने के लिए ऐसा किया जा रहा है सूत्र बताते हैं कि इस कारण से ही बैंक मैनेजर पोस्ट ऑफिस में नए नोट नहीं दे रहे हैं बैंक मैनेजर के मिलने वाले बड़े ठेकेदार लोग इनसे काले धन को सफेद करवा रहे हैं। ऐसा समदड़ी ही नहीं काफी दिनों से भी ऐसी खबरें मिल रही है आम जनता को इतनी बड़ी भारी परेशानी के बावजूद भी सरकार के साथ खड़े रहने की रिपोर्ट आ रही है लेकिन ऐसी भी कोई मॉनिटरिंग होनी चाहिए बैंको के ऊपर। आखिर उनके अंदर क्या चल रहा है? बैंक के अंदर कैसी मनमर्जी चल रही है ?  वास्तव में गरीब जनता का काम हो रहा है या नहीं हो रहा है ? पैसे बदल रहे हैं या नहीं बदल रहे हैं?आखिर बैंक के अंदर मैनेजर लोग कैसे कारनामे करते हैं ? यह सब मॉनिटरिंग से ही पता चलेगा। जिस से आम लोगों को राहत मिल पाएगी। उम्मीद करते हैं इस खबर से प्रशासन  और सरकार की नींद जरूर खुलेगी बैंक अधिकारी पर कार्यवाही जरूर होगी।

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