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प्लास्टिक कैरी बैग की रोकथाम के लिए प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश

बाड़मेर, 01 अप्रेल। स्वायत्त शासन विभाग ने प्रदेश की सभी नगरीय निकायों को निर्देशित किया है कि प्लास्टिक कैरी बैग के विनिर्माण भण्डारण, आयात...

बाड़मेर, 01 अप्रेल। स्वायत्त शासन विभाग ने प्रदेश की सभी नगरीय निकायों को निर्देशित किया है कि प्लास्टिक कैरी बैग के विनिर्माण भण्डारण, आयात, विक्रय एवं परिवहन पर सख्ती से रोक लगाए। इसको लेकर परिपत्र भी जारी किया गया है। स्वायत्त शासन विभाग एवं पर्यावरण विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों की अनुपालना में जिला प्रशासन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं संबंधित नगरीय निकाय की समिति बनाकर प्लास्टिक कैरी बैग की जप्ती एवं दण्डात्मक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए है। साथ ही प्लास्टिक केरी बैग पर प्रभावी रोक के लिए आमजन में जन-जागृति पैदा करने के लिए जनप्रतिनिधियों, एनजीओ, बीएलओ, एसएचजी की मदद लेने के निर्देश दिए गए है। 

प्रमुख शासन सचिव स्वायत्त शासन विभाग डा. मनजीत सिंह ने सभी नगरीय निकायों को जारी परिपत्र में निर्देशित किया है कि पर्यावरण विभाग ने पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 के तहत प्लास्टिक कैरी बैग के विनिर्माण भण्डारण आयात विक्रय एवं परिवहन को प्रतिबन्धित किया है तथा निर्देश दिए गए है कि कोई व्यक्ति जिसमें कोई दुकानदार, विक्रेता, थोक विक्रेता, फुटकर विक्रेता, फेरी लगाने वाला या रेडी वाला माल के प्रदाय के लिए प्लास्टिक कैरी बैग का उपयोग नही करेगा। राजस्थान राज्य में प्लास्टिक कैरी बैग का विनिर्माण भण्डारण आयात विक्रय या परिवहन एक अगस्त, 2010 से प्रतिबंधित किया गया है। परिपत्र के अनुसार पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 की धारा के अनुसार अधिनियम के प्रावधानों और नियमों, आदेशों और निर्देशों का उल्लघंन करने पर पांच वर्ष तक की अवधि का कारावास एवं एक लाख रूपये तक का जुर्माना अथवा दोनों दण्ड से दण्डित किया जा सकेगा तथा इसके बाद भी यदि कोई उल्लंघन जारी रखता है तो उसको अतिरिक्त शास्ति से दण्डित किया जाएगा जो प्रतिदिन 5000 रुपए तक की हो सकेगी। धारा 15(2) के अनुसार यदि कोई उक्त प्रावधानों का उल्लंघन, दोषसिद्धि के बाद भी लगातार एक साल तक जारी रखता है तो उस अपराधी को सात वर्षो तक के कारावास के दंडित किया जा सकेगा। स्वायत शासन विभाग ने जारी परिपत्र में सभी नगरीय निकायों को निर्देशित किया है कि प्लास्टिक कैरी बैग के विनिर्माण भण्डारण आयात विक्रय एवं परिवहन संबंधित क्षेत्रों को सर्वे कर कार्यवाही के लिए स्थानों को चिन्हिकरण किया जाए। प्लास्टिक कैरी बैग के स्त्रोत निर्माण एवं उपयोग से जुड़े विभिन्न बाजारों, संगठनों, एसोसिएशन एवं संस्थानों के पदाधिकारियों को आमंत्रित कर प्लास्टिक कैरी बैग के उपयोग की रोकथाम के लिए रेल्वे स्टेशन, बस स्टेण्ड, फल मण्डी, सब्जी मण्डी, कृषि मण्डी, मंदिरों इत्यादि सार्वजनिक स्थलों के आस-पास प्लास्टिक कैरी बैग्स जप्ती एवं दण्डात्मक कार्यवाही के लिए विशेष अभियान चलाया जाए एवं इस संबंध में की गई कार्यवाही की विडियोग्राफी, फोटोग्राफी तथा अभियान के प्रचार-प्रसार के लिए पम्पलेट वितरित किए जाए एवं प्रिन्ट मिडिया तथा इलैक्ट्रॉनिक मिडिया में प्रचार-प्रसार किया जाए। स्थानीय विद्यालयों में बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। बाय-बाय प्लास्टिक बैग्स के स्लोगन, समाचार पत्रों में विज्ञप्तियॉ, होर्डिंग्स लगवाए जाए। जिनमें प्लास्टिक बैग के स्थान पर कागज कप एवं जूट के बैग्स काम में लेने के लिए आमजन को प्रेरित किया जाए।

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