बाड़मेर, 03 अप्रेल। बेहद कम बारिश के लिहाज से पहचाना जाने वाला बाड़मेर जिला अब प्रदेश के अन्य जिलांे के लिए मिसाल बनेगा। प्रत्येक ग्राम पंचा...
बाड़मेर, 03 अप्रेल। बेहद कम बारिश के लिहाज से पहचाना जाने वाला बाड़मेर जिला अब प्रदेश के अन्य जिलांे के लिए मिसाल बनेगा। प्रत्येक ग्राम पंचायत मंे सबसे बड़े विद्यालय की छत से बारिश के पानी को टांके मंे एकत्रित करने के साथ महत्वपूर्ण अभियान की शुरूआत होगी। इसके बाद अन्य विद्यालयांे एवं सरकारी भवनांे की छत से व्यर्थ बहने वाले पानी को सहेजा जाएगा।
बाड़मेर जिले के प्रभारी सचिव कुंजीलाल मीणा ने मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान की मंशा के अनुरूप बारिश के पानी को सहेजने के लिए इसकी क्रियान्विति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है। बाड़मेर जिले की प्रत्येक पंचायत समिति के विकास अधिकारी को स्कूलांे की छत से पाइप लाइन के जरिए बारिश के पानी को टांकांे तक पहुंचाने के कार्य करवाने को कहा गया है। उनको प्रत्येक ग्राम पंचायत मंे कम से कम एक विद्यालय मंे आवश्यक रूप से यह कार्य करवाना होगा। प्रभारी सचिव मीणा ने निर्धारित लक्ष्यांे से अधिक कार्य करवाने वाले विकास अधिकारियांे की प्रगति रिपोर्ट भी तैयार करने के निर्देश दिए है। बाड़मेर जिले मंे इस अभियान के पहले चरण मंे 950 विद्यालयांे मंे बारिश का पानी एकत्रित होगा। बारिश के पानी का उपयोग स्वच्छ होने की स्थिति मंे पेयजल अथवा पौधांे को पिलाने तथा सब्जियांे की क्यारी मंे भी इस्तेमाल किया जा सकेगा।
जिला मुख्यालय पर रविवार को हुई समीक्षा बैठक के दौरान विकास अधिकारियांे ने विद्यालयांे मंे व्यर्थ बहने वाले बारिश के पानी को संग्रहित करवाने के कार्याें को एक माह के भीतर पूरा करवाने का भरोसा दिलाया। ताकि जून-जुलाई के दौरान बारिश होने की स्थिति मंे पानी एकत्रित हो सके। इस दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि चिकित्सा विभाग के समस्त कार्यालयांे मंे वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करवाया जाएगा। बाड़मेर जिले मंे आमतौर पर बारिश के पानी को एकत्रित करने के लिए कुछ विद्यालयांे मंे छत को पाइप लाइन के जरिए टांकांे से जोड़ा गया है। लेकिन अधिकतर विद्यालय इससे वंचित है। ऐसे मंे बारिश के पानी को सहेजने का प्रयास निसंदेह अन्य जिलांे के लिए भी प्रेरणास्त्रोत साबित होगा।
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