दुर्ग सिंह राजपुरोहित बाड़मेर। चाहे लोकसभा के चुनाव हो या विधानसभा के चुनाव। बाड़मेर में सभी नेताओं ने छक कर डोडा पोस्त के नाम पर वोट बटोरे। ...
दुर्ग सिंह राजपुरोहित
बाड़मेर। चाहे लोकसभा के चुनाव हो या विधानसभा के चुनाव। बाड़मेर में सभी नेताओं ने छक कर डोडा पोस्त के नाम पर वोट बटोरे। कर्नल सोनाराम चौधरी ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के मंच पर आदर्श स्टेडियम में डोडा पोस्त के आदि लोगो को राहत पहुचाने और डोडा पोस्त को सस्ता करने की अपील की।तो लोगो को लगा मानो इन लाचार नशेड़ियो को लेकर सासद भी बहुत चिंता कर रहे है और उन्होंने मोदी लहर में जम कर कमल पर जीत के ठप्पे लगाये। यही नहीं ठेकेदार लगातार 500 रूपये सरकारी रेट की बजाय 2200 से 3000 रूपये प्रति किलो वसूलता रहा, लेकिन मजाल है कोई नेता इसका खुलकर विरोध करता और डोडा माफिया जनता को लूटता रहा। फिर एकाएक सरकार ने कहा हम डोडा बंद कर रहे है और 31 मार्च 2016 इसके लिए आखरी दिनांक मुकर्रर की गई। इस दौरान यह भी जोर शोर से प्रचारित और प्रसारित करवाया गया की डोडा पोस्ट छुडवाने के लिए सरकारी अस्पतालों में निशुल्क केम्प लगवा कर सरकार डोडा पोस्त के आदि लोगो को राहत देगी । लेकिन चार दिन कि चांदनी, फिर अँधेरी रात की तर्ज पर केम्प कब लगे, कब बंद हो गये लोगो को पता ही नहीं चला। यकीनन डोडा पोस्त समाज में एक जहर की तरह व्याप्त है और इसे बंद करना भी चाहिए, लेकिन बिना किसी ठोस योजना के डोडा पोस्ट बंद करना लोगोको अकाल मौत मारने जैसा है। जिस सरकार ने कई दशक तक लोगो की नाड़ियों में ज़हर को भरा, वही सरकार अब बिना योजना के लोगो को अकाल मौत मार देगी यही भय लोगो को साल रहा हैं।अंतिम दिन हाइवे पर हंगामा और जामडोडा पोस्त 31 मार्च के बाद बन्द हैं और इन दिनोंनशेड़ी परेशानी में हैं। ऐसे हालात के चलते नशेड़ियों ने चोहटन रोड पर हंगामा करते हुए सरकारीडोडा ठेके के आगे रास्ता जाम कर दिया। नशेड़ियों के ये तेवर देख कर ठेका संचालक ने पहले से ही ठेकेपर ताला जड़ दिया और भाग गया। हंगामे की सूचना मिलने के बाद पुलिस थाना कोतवाली और सदर से पुलिसजाब्ता मौके पर पहुंचा और डोडा पोस्त के आदी नशेड़ियों से हटाकर रास्ता खुलवाया। बिगड़े हालात के चलते मौके पर पुलिस हाइवे जाम के बाद तक तैनात रही। बाड़मेर के विभिन्न ग्रामीण इलाको से बड़ी संख्या में यहाँ नशेड़ी हर रोज नशे के लिए आते थे और उनके परमिट के आधार पर सरकारी ठेके से डोडा मिलता हैं। रास्ता जाम करने वाले नशेड़ी लोगो से पूछा गया कि आखिर उनके गुस्से की वजह क्या हैं तोउनका कहना था कि अगर वे किसी और नशे के आदी होते तो कहीं से भी उन्हें मिल जाता लेकिन डोडा सरकारीठेके के अलावा कहीं और मिलता नही ऐसे में वे जाएँ तो कहाँ जाए ।
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