जैसलमेर/पोकरण/चांदन । नीले आसमान में कलाबाजियां खाते सुखोई, मिग व तेजस और निशाने पर दुश्मन के काल्पनिक ठिकाने, पलक झपकते ही 'शत्रु के का...
जैसलमेर/पोकरण/चांदन । नीले आसमान में कलाबाजियां खाते सुखोई, मिग व तेजस और निशाने पर दुश्मन के काल्पनिक ठिकाने, पलक झपकते ही 'शत्रु के काल्पनिक ठिकानों को अचूक निशाना साधकर ध्वस्त करते आकाशवीर तो धमाकों से कंपकंपाती फायरिंग रेंज में एक के बाद एक ध्वस्त होते लक्ष्य। यह नजारा भारतीय वायुसेना ने एयर पावर व युद्ध क्षमता का प्रदर्शन करने के लिए शुक्रवार को जैसलमेर जिले के चांधन फील्ड फायरिंग रेंज में 'आयरन फिस्ट के दौरान देखने को मिला।
भारतीय वायुसेना ने अपनी हवाई ताकत का अहसास पूरी दुनिया को करा दिया। इसके साथ ही 18 मार्च की तारीख इतिहास में दर्ज हो गई, गौरवशाली दिन के लिए। वायुसेना की प्रहारक क्षमता के अद्भुत नजारों के साक्षी तीनों सेनाओं के सुप्रीम कमांडर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, राज्यपाल कल्याण सिंह, तीनों सेनाओं के प्रमुख व करीब 50 देशों के रक्षा विशेषज्ञ भी बने।
फ्लाई पास्ट में दिखाई ऐतिहासिक यात्रा की झलक
आयरन फिस्ट के अवसर पर पुराने विमानों से लेकर हाल ही में भारतीय वायुसेना में शामिल किए गए विमानों ने एक साथ उड़ान भरकर भारतीय वायुसेना की आठ दशकों की ऐतिहासिक यात्रा को प्रदर्शित किया। फ्लाई पास्ट की शुरुआत मिग-27 की ओर से आयरन फिस्ट 2016 के बैनर को लहराते हुए की गई। इसके बाद सुपरसोनिक मिग-29 ने ध्वनि की गति से तेज उड़ान का प्रदर्शन किया। वास्तविक समय में टोही क्षमता के प्रदर्शन का जिम्मा जगुआर विमान ने संभाला। वहीं विंटेज विमान टाइगर मोथ की उड़ान ने सैन्य उडï्डयन की स्मृतियों को ताजा कर दिया।
'ऑन टाइम, ऑन टारगेट व एवरी टाइम
एयर शो में 'ऑन टाइम, ऑन टारगेट व एवरी टाइम की संकल्पना को मूर्त रूप देकर 'शत्रु को नेस्तनाबूद करने को लेकर मारक क्षमता का प्रदर्शन किया। यहां मिग 21, मिग 27, जगुआर, मिराज 200 से लेकर सुखोई 30 जैसे करीब 181 विमानों के अलावा हेलिकॉप्टर्स ने भी इस अभ्यास में हिस्सा लिया। एमआई-17 वी से लेकर एमआई-35 अटैक हेलिकॉप्टर ने अपनी फौलादी क्षमता का प्रदर्शन किया। ट्रांसपोर्ट विमानों में सी-130 से लेकर आइएल-76 तक की भागीदारी रही।
शाम होते ही धूम-धड़ाका शुरू
दोपहर, शाम व रात के अलग-अलग हालात में वायु योद्धाओं ने हवाई ताकत दिखाई। आकाश में धूम-धड़ाका शुरू हो गया। यह तीसरा मौका रहा, जब चांधन में डे, डस्क एंड नाइट युद्धाभ्यास हुआ। शाम के धुंधलके व रात के अंधेरे में हुई बम वर्षा से जमीं पर रेत के गुबार उठे, वहीं आसमां में विमानों की कलाबाजियों ने हैरत में डाल दिया।
पायलट के इशारों के बीच युद्धाभ्यास से भारतीय वायुसेना के 30 प्रकार के प्रदर्शनों में अग्रिम पंक्ति के लड़ाकू विमान एसयू-30, एमकेआई, मिराज 2000, जगुआर, मिग- 21, 27, 29 व हॉक विमानों ने भी भाग लिया। इस दौरान वाहनों व टैंक का परिवहन करने वाले विमानों का प्रदर्शन हुआ। ट्रांसपोर्ट वायुयानों में सीआई-30 जे, एएन-32, इम्बरार व आईएल 76, एमआई 17वीं 5, एमआई 17वीं 4 शामिल थे। युद्धाभ्यास में वायुसेना ने एयर मिसाइल सिस्टम व अपने नए वायुयान पिलाटू पीसी एम के- 2 को भी शामिल किया। इसके अलावा एयर डिफेंस सिस्टम, काउंटर सरफेस फोर्सेज ऑपरेशन सर्च व रेस्क्यू ऑपरेशन का भी प्रदर्शन हुआ।
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